what is linux in hindi || Linux kya hai ?

what is linux in hindi ? Linux अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम से कैसे अलग होता है? 


हेलो दोस्तों CyberSploit में आपका स्वागत है आज के इस ब्लॉग में हमलोग जानेंगे की what is linux in hindi ? Linux अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम से कैसे अलग होता है? और इससे जुड़े और भी सवालों के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए आपको  को पूरा पढ़ना होगा। 


what is linux in hindi ?


दोस्तों आजकल  आ नए नए जितने भी technical product है या सालो से चल रही devices इन सभी जैसे रहे स्मार्टफोन से लेकर कार, सुपर कंप्यूटर और घरेलू उपकरण, होम डेस्कटॉप से लेकर एंटरप्राइज सर्वर तक, लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम हर जगह है।1990 के दशक के बाद से linux सभी जगह use  हो रहा है और तब से एक user-base  तक बन गया है जो दुनिया भर में फैला हुआ है। Linux वास्तव में हर जगह है  यह आपके फोन, आपके थर्मोस्टैट्स, आपकी कारों, रेफ्रिजरेटर और टीवी में है यह तक की आज जो Android mobile हमलोग उसे करते है ये सभी operating system Linux kernel based है। यह अधिकांश इंटरनेट, दुनिया के सभी top most super computer  और दुनिया के स्टॉक exchanges को चलाता है। लेकिन दुनिया भर में Desktop , server  और embedded system  चलाने के लिए platform of choice होने के अलावा, लिनक्स सबसे विश्वसनीय, सुरक्षित और चिंता मुक्त ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक है।


Linux:

Windows और ios  की तरह, लिनक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। वास्तव में,पूरी दुनिया में  सबसे लोकप्रिय प्लेटफार्मों में से एक, Android , linux ऑपरेटिंग सिस्टम  द्वारा संचालित है। एक ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो आपके डेस्कटॉप या लैपटॉप से जुड़े सभी हार्डवेयर संसाधनों का प्रबंधन करता है। इसे सीधे शब्दों में कहें, तो ऑपरेटिंग सिस्टम आपके सॉफ़्टवेयर और आपके हार्डवेयर के बीच संचार का प्रबंधन करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के बिना, सॉफ्टवेयर कार्य नहीं करेगा।लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में कई अलग-अलग parts शामिल हैं: 

Bootloader:

वह सॉफ़्टवेयर जो आपके कंप्यूटर की बूट प्रक्रिया का manage करता है। अधिकांश users के लिए, यह बस  splash screen  स्क्रीन होगी जो पॉप अप करती है और अंततः ऑपरेटिंग सिस्टम में बूट करने के लिए चली जाती है।

Kernel:

Linux का एक small part होता है जो की operating system और hardware के connect करता है . kernel system का core पार्ट है और सीपीयू, मेमोरी और peripheral devices को  manage  करता है। 

Init system:

यह एक sub-system है जो user space को बूटस्ट्रैप करती है और इसे डेमॉन को नियंत्रित करने के लिए use किया  जाता है। सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले init system  में से एक systemd  है? जो सबसे sensitive में से एक भी होता है। यह init सिस्टम है जो boot process को manage करता है, एक बार बूट लोडर (यानी, GRUB ) से प्रारंभिक बूटिंग सौंप दिया जाता है।
 
Daemons:

ये background services  हैं जो या तो बूट के दौरान शुरू होती हैं या डेस्कटॉप में लॉग इन करने के बाद। जब हमारा system boot करता है तभी ये बैकग्रॉउंड में run करता है। जब हम अपने system में login हो जाते है उसके बाद भी यह run करता है। 
 
Graphical server:

यह sub-system है जो आपके मॉनीटर परgraphics प्रदर्शित करती है। इसे आमतौर पर एक्स सर्वर के रूप में जाना जाता है।  
  
Desktop environment:

यह वह पार्ट है जिसे user  वास्तव में इंटरैक्ट करते हैं। (GNOME, Cinnamon, Mate, Pantheon, Enlightenment, KDE, Xfce, आदि) से चुनने के लिए कई डेस्कटॉप वातावरण हैं। प्रत्येक डेस्कटॉप वातावरण में built-in applications (जैसे file manager, configuration tools, web browsers, and games) शामिल होते हैं। या मैं कह सकता हु इंस्टालेशन के बाद जो user interface हमे मिलता है और जो भी software installed मिलते है ये सभी desktop environment में ही होते है।  

Applications:

Desktop environments एप्लिकेशन की full details provide नहीं करते हैं। windows और macOS की तरह, लिनक्स  बहुत सारे टूल्स और software packages provide  करता है जिन्हें आसानी से install  किया जा सकता है। अधिकांश आधुनिक linux distribution में ऐप स्टोर-जैसे टूल शामिल हैं जो एप्लिकेशन इंस्टॉलेशन को centralize और सरल बनाते हैं। उदाहरण के लिए, ubuntu  लिनक्स में ubuntu software center  (GNOME सॉफ्टवेयर) है जो आपको हजारों ऐप्स के बीच तेज़ी से खोज करने और उन्हें एक centralize place से install करने की अनुमति देता है। 

What is a “distribution?”


किसी भी प्रकार के उपयोगकर्ता के लिए लिनक्स में कई अलग-अलग version  हैं। नए users से लेकर hard-core user तक, आपको अपनी आवश्यकताओं से मेल खाने के लिए लिनक्स का "flavor" मिलेगा। इन संस्करणों को distributions कहा जाता है (या, short  रूप में, "distros")। लिनक्स के लगभग हर distribution को free में download किया जा सकता है और इंस्टॉल किया जाता है । सबसे लोकप्रिय लिनक्स distributions हैं current में use हो रहे mainly distros के कुछ list निचे दिए गए है। 

  • LINUX MINT
  • KALI-LINUX
  • PARROTOS
  • CENTOS
  • MANJARO
  • DEBIAN
  • UBUNTU
  • ANTERGOS
  • SOLUS
  • FEDORA
  • ELEMENTARY OS
  • OPENSUSE
  • Red Hat Enterprise Linux
  • Ubuntu Server
  • Centos
  • SUSE Enterprise Linux

Linux अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम से कैसे अलग होता है? 

कई मायनों में, लिनक्स अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम के समान है, जिन्हें आपने पहले इस्तेमाल किया होगा, जैसे Windows या iOS। अन्य ऑपरेटिंग सिस्टमों की तरह, linux में एक graphical interface होता है, और अन्य प्रकार के सॉफ्टवेयर, जो आप अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम, जैसे word processing applications  के उपयोग के होते हैं। कई मामलों में, software’s developer  ने उसी program का लिनक्स version बनाया हो सकता है जिसे आप अन्य systems पर उपयोग करते हैं। यदि आप कंप्यूटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग कर सकते हैं, तो आप लिनक्स का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन linux भी कई महत्वपूर्ण तरीकों से अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम से अलग है। सबसे पहले, और शायद सबसे महत्वपूर्ण, लिनक्स open source सॉफ्टवेयर है। लिनक्स बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कोड free औरpublic के लिए उपलब्ध है, जिसमें appropriate skills वाले users को देखने, संपादित करने, और योगदान करने के लिए उपलब्ध है। लिनक्स इसमें भी भिन्न है, हालांकि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम  core pieces of the Linux आम तौर पर सामान्य होते हैं, लिनक्स के कई distributions  होते हैं, जिसमें अन्य सॉफ्टवेयर विकल्प शामिल होते हैं। इसका मतलब यह है कि लिनक्स अविश्वसनीय रूप से customizable योग्य है, क्योंकि न केवल एप्लिकेशन, जैसे word processor और web browser, को स्वैप किया जा सकता है। लिनक्स उपयोगकर्ता core component भी चुन सकते हैं, जैसे कि सिस्टम graphics और अन्य user-interface components  को प्रदर्शित करता है। 


Conclusion:
दोस्तों मैं आशा करता हु की आपको आज के इस ब्लॉग what is linux in hindi ? Linux अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम से कैसे अलग होता है? एवं linux के distribution के बारे में भी जानकारी मिल गया होगा अगर आपको ये ब्लॉग अच्छा लगा होगा तो आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और किसी प्रकार के query है तो आप कमेंट में जरूर लिखे। इस ब्लॉग को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।

अगर आप नहीं जानते है की Hacking kya hai ? || Types of Hacker तो आप इस लिंक पे क्लिक करके पढ़ सकते है। 



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